हर साल 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनायी जाएगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती

 हर साल 'पराक्रम दिवस' के रूप में मनायी जाएगी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 



देश भर में 23 अगस्त को नेताजी सुभाष चंद्र बोस 125वीं जयंती मनाई जाएगी, लेकिन इस बार उनकी जयंती को 'पराक्रम दिवस' के तौर मनाया जाएगा। इस वर्ष ही नहीं, बल्क‍ि अब हर साल नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाएगा। केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 23 जनवरी को केंद्र सरकार पराक्रम दिवस के तौर पर मनाएगी। खास बात यह है कि इस साल नेताजी की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में होंगे।

नेताजी जयंती के लिए कमेटी घोषित कर चुकी है केंद्र सरकार

इसके पहले सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा राजनाथ सिंह, अमित शाह, ममता बनर्जी, जगदीप धनकड़, मिथुन चक्रवर्ती, काजोल और एआर रहमान सहित 84 लोग सदस्य के तौर पर शामिल किए गए हैं। नेताजी की 125 वीं जयंती मनाने के उपलक्ष्य में गठित की गई इस कमेटी में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और तृणमूल से भाजपा में आए शुभेंदु अधिकारी को भी शामिल किया गया है। 

वहीं बता दें कि आजादी के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इस बार बंगाल में विधानसभा का चुनाव होने हैं और विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। इस बीच केंद्र सरकार ने एक के बाद एक कई ऐसे फैसले लिए हैं जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, स्वामी विवेकानंद समेत बंगाल की अन्य विभूतियों को विशेष सम्मान दिया जा रहा है। पीएम मोदी पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के दिन पश्चिम बंगाल में रहेंगे। 


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