मेघालय- निवेशकों के लिऐ खुल रहे नए द्वार
पूर्वोत्तर भारत में मेघालय राज्य अपनी एक अलग पहचान रखता है। अपार जल संपदा के चलते यह राज्य जल-विद्युत ऊर्जा में काफी आगे है। यहां सबसे अच्छी क्वालिटी की हल्दी पायी जाती है और तो और यहां यूरेनियम समेत कई धातुओं का भंडार है। यूं कहिये कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में यह एक अलग भूमिका अदा करता है। 2 अप्रैल 1970 को मेघालय को स्वायत्त राज्य बनाया गया और वर्ष 1971 में आज ही के दिन यानी 21 जनवरी को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया।
राज्य के केंद्र में और पूर्वी भाग में खासी और जैनतिया पहाड़ियां हैं। गारो पहाड़ियों के बाद दक्षिण में गहरी खाईयां जिसके ठीक बाद बांग्लादेश की सीमा है। प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ यह राज्य देश के सबसे खूबसूरत राज्यों में से एक है। पहाड़ियों, झरने, नदियों, नहरों, पठारों और घने जंगल और यहां के लोग एक अलग ही पहचान रखते हैं।
मेघालय से जुड़े तथ्यों पर एक नज़र
> मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग है, जो 1972 तक असम की राजधानी हुआ करती थी।
> मेघालय का कुल क्षेत्रफल 22,429 वर्ग किलोमीटर है।
यहां अंग्रेजी, खासी, प्नार और गारो भाषाएं बोली जाती हैं।
> 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की शैक्षिक दर 75.48 प्रतिशत है।
> कृषि, फूड प्रोसेसिंग यानी खाद्य प्रसंसकरण, पुष्प उत्पादन, फलों का उत्पादन, खनन, सीमेंट, पर्यटन, जल-विद्युत ऊर्जा, हैंडलूम, हस्तशिल्प और रेशम के व्यापार यहां के प्रमुख व्यवसाय हैं।
यहां प्रमुख रूप से पाए जाने वो खनिजों में कोयला, लाइमस्टोन, सिलिमनाइट, डोलोमाइट, फायरक्ले, फेलस्पर, क्वार्ट्ज, ग्लास-सैंड और यूरेनियम हैं।
> धान, मक्का, आलू, कपास, संतरा, अदरक, तेज़ पत्ता, जूट, हल्दी, मेस्ता, केला और अनन्नास की अच्छी पैदावार यहां होती है।
> चित्तीदार तेंदुआ यहां का प्रादेशिक पशु है।
> यहां की 80 प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर निर्भर हैं।
> इस राज्य में प्रमुख रूप से खासिस, जैनतियास और गारो जनजाति के लोग निवास करते हैं।
मेघालय की अर्थव्यवस्था पर एक नज़र
> जुलाई 2019 तक राज्य में लगे जल-विद्युत संयंत्रों से 394.27 मेगावॉट बिजली का उत्पादन दर्ज हुआ। हालांकि इस क्षेत्र में राज्य की क्षमता 3,000 मेगावॉट की है।
> डिपार्टमेंट ऑफ प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड के अनुसार अप्रैल 2000 से जून 2019 तक यहां पर विदेशी निवेश 122 मिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
> 2018-19 में वाणिज्य वस्तुओं का निर्यात 51.09 अमेरिकी डॉलर रहा।
> 2019-20 के आम बजट में राज्य सरकार ने 188 करोड़ रुपए शहरी विकास के लिये आवंटित किए।
> 2019-20 में भारत सरकार ने बारापानी के हवाई अड्डे पर नए रनवे के लिए 180 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया।
> मेघालय में शिक्षा के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने 2019-20 के बजट में 1,007 करोड़ रुपए आवंटित किए।
> दवाएं बनाने में प्रयोग किये जाने वाले 6000 पौधों में से 834 पौधों की प्रजातियां केवल मेघालय में पायी जाती हैं।
> स्ट्रॉबेरी के उत्पादन में यह क्षेत्र काफी आगे है।
मेघालय में कई बड़े कार्य प्रमुख रूप से पीपीपी मॉडल के आधार पर हो रहे हैं। भारत में सबसे ज्यादा बारिश मेघालय में होती है। जल-विद्युत ऊर्जा के बढ़ने से यहां पर निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। कुल मिलाकर यह राज्य निवेशकों के लिऐ नए द्वार खोल रहा है।
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