16,000 KM की भरी नॉन स्टॉप उड़ान, एअर इंडिया की 4 महिला पायलट ने रचा इतिहास

 एअर इंडिया की चार महिला पायलट ने रच दिया इतिहास, उत्तरी ध्रूव को पार कर पहुंची बेंगलुरु

NewsworldToday

एअर इंडिया की चार महिला चालकों की टीम ने एअर इंडिया के सबसे लंबे नॉन स्टॉप हवाई मार्ग उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरने का कीर्तिमान रच दिया है। अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर से उड़ान भरने के बाद महिला चालकों का दल उत्तरी ध्रुव से होते हुए बेंगलुरु पहुंच गया है।

16,000 किलोमीटर की भरी नॉन स्टॉप उड़ान

इस दौरान विमान द्वारा करीब 16,000 किलोमीटर की दूरी तय की गई। महिला चालक दल का नेतृत्व कैप्टन जोया अग्रवाल ने किया। वहीं को-पायलट के तौर पर कैप्टन पापागड़ी तनमई, कैप्टन शिवानी और कैप्टन आकांक्षा सोनवरे थीं। बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद कैप्टन जोया अग्रवाल ने इस उड़ान का हिस्सा होने पर खुशी जताई।  

वहीं इस बाबत एअर इंडिया ने ट्वीट में लिखा, 'वेलकम होम, हमें आप सभी पर गर्व है। हम AI176 के पैसेंजर्स को भी बधाई देते हैं, जो इस ऐतिहासिक सफर का हिस्सा बने।'  बताना चाहेंगे कि विमान के सफर के दौरान उसकी लोकेशन की जानकारी खुद एअर इंडिया अपने ट्विटर हैंडल से समय-समय पर दे रहा था।

https://twitter.com/airindiain/status/1348399726794706946?s=20

वहीं, सैन फ्रांसिस्को से विमान के उड़ान भरने के बाद नागरिक विमानन उड्डयन मंत्री हरदीप पुरी ने भी अपने ट्वीटर अकाउंट से ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा था कि, 'कॉकपिट में पेशेवर, टैलेंटेड और कॉन्फिडेंट महिला पायलटों ने एअर इंडिया के विमान से सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरी है। वे नॉर्थ पोल से होकर गुजरेंगी। हमारी नारी शक्ति ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।'

https://twitter.com/HardeepSPuri/status/1347778312165232641?s=20

एक दूसरे ट्वीट में हरदीप पुरी ने लिखा कि ''सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु तक का ये ऐतिहासिक सफर महिला पायलटों की वजह से ''वंदे भारत मिशन'' को और भी खास बनाती है। मिशन ने अब तक 46.5 लाख से अधिक लोगों की अंतर्राष्ट्रीय यात्रा की सुविधा प्रदान की है। फिलहाल, विमान नॉर्थ पोल क्रॉस करने के बाद भारतीय वायु क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है।'' 

https://twitter.com/HardeepSPuri/status/1348332188824084480?s=20

17 घंटे फ्लाइट उड़ाकर पहुंची बेंगलुरु 

जानकारी के लिए बता दें ये महिला पायलट करीब 17 घंटे की नॉन स्टॉप फ्लाइट उड़ाकर 11 जनवरी की सुबह बेंगलुरु पहुंची हैं। ज्ञात हो कि एअर इंडिया के पायलट पहले भी ध्रुवीय मार्ग पर उड़ान भर चुके हैं, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि महिला पायलट टीम ने उत्तरी ध्रुव पर उड़ान भरी है। दरअसल, उत्तरी ध्रुव में उड़ान भरना बेहद चुनौतीपूर्ण है और एयरलाइन कंपनियां इस मार्ग पर अपने सर्वश्रेष्ठ और अनुभवी पायलटों को ही भेजती हैं। उत्तरी ध्रुव पर सीधे उड़ान नहीं भरी जा सकती। यह चुंबकीय क्षेत्र है, इस वजह से वहां उड़ान भरना मुश्किल है।

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