स्टार्टअप इंडिया : अब तक 4 लाख से अधिक लोगों को मिला रोजगार
21वीं शताब्दी में तेजी के साथ दौड़ रही अलग-अलग तकनीकों ने हमारी जिंदगी को आसान बनाने का काम किया है। ये टेक्नोलॉजी ही है जिसने पूरी दुनिया के मार्किट को लाकर हमारे सामने रख दिया है। किसी देश के एक छोटे से गांव में बैठा व्यक्ति भी आज विदेशों में बैठे दूसरे व्यक्तियों के साथ व्यपार कर सकते हैं। फिर चाहे वह पेटीएम हो, ओला हो, फ्लिपकार्ट हो, जोमैटो हो, प्रैक्टो हो, बाएजु हो या कोई अन्य स्टार्टअप सभी ने मानव दूरी को कम करने का काम किया है।
ये टेक्नोलॉजी ही है जिसके कारण नए विचारों के साथ देश में 2014 में एक स्टार्टअप लहर देखी गयी। इसे देखते हुए 2016 में भारत सरकार ने स्टार्टअप इंडिया योजना की शुरुआत की। इसका मुख्य उद्देश्य देश में शुरू किए गए स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग सहायता, मार्गदर्शन, और उद्योग भागीदारी के अवसर प्रदान करना है।
पिछले तीन सालों में मिला 4.7 लाख लोगों को रोजगार
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य आम जनता के बीच उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देना और प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत लाखों बेरोजगारों के बीच रोजगार पैदा हुआ है। जनवरी 2016 से दिसंबर 2020 तक इसके तहत 39,009 स्टार्टअप्स ने 4.7 लाख लोगों को रोजगार दिया है। अब तक 41,317 स्टार्टअप हैं जिन्हें उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा रजिस्टर्ड किया गया है।
कोविड काल में भी दिखा जबर्दस्त उछाल
हम सभी जानते हैं कि साल 2020 पूरी तरह कोविड की चपेट में रहा, तमाम उद्योग बंद हो गए और कईयों की नौकरियां चली गईं। लेकिन खास बात यह है कि इन सबके बीच स्टार्टअप खुलने का सिलसिला जारी रहा। स्टार्टअप इंडिया के तहत देश में 14,740 स्टार्टअप्स साल 2020 में शुरू किए गए हैं। जिससे 1.7 लाख लोगों को नौकरी मिली है।
2020 में नए स्टार्टअप की संख्या 2019 की तुलना में 26 प्रतिशत अधिक रही। 2019 में 11,701 स्टार्टअप्स ने 1.5 लाख लोगों को नौकरी दी है। 2018 में 8,947 स्टार्टअप्स नए शुरू किए गए, जिससे 96 हजार लोगों को रोजगार मिला। 49,000 हजार से अधिक लोगों को 2017 में स्टार्टअप इंडिया के तहत रोजगार मिला, इस साल 5,425 स्टार्टअप लॉन्च किए गए। दरअसल, स्टार्टअप इंडिया स्कीम टियर-1 शहरों से शुरू हुआ था लेकिन टियर-2 और टियर-3 शहरों तक पहुंचने तक यह पहल युवाओं में आत्मविश्वास जगाने में कामयाब रही है।
भारत में है दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम
भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। स्टार्टअप इकोसिस्टम, सभी हितधारकों के लिए एक प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना है। यह एक-दूसरे से बातचीत करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने और अत्यधिक गतिशील वातावरण में एक दूसरे के साथ भागीदारी बनाने के लिए एक मंच प्रदान करता है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अनुसार, 2018 में भारत में लगभग 50,000 स्टार्टअप थे जिसमें से लगभग 8,900- 9,300 स्टार्टअप्स, टेक्नोलॉजी से रिलेटिड थे। वहीं, 2019 में 1300 नए टेक्नोलॉजी रिलेटिड स्टार्टअप शुरू किए गए। भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विकास कर रहा है, 2018 में इसकी गति वर्ष-दर-वर्ष 15% तक बढ़ी है।
अगर एक अनुमानित बात की जाए तो एक साल में शुरू किए गए नए स्टार्टअप्स 40,000 नई नौकरियों का सृजन करने में सक्षम रहे हैं। स्टार्टअप जीनोम प्रोजेक्ट रैंकिंग 2019 में बैंगलोर को दुनिया के 20 अग्रणी 'स्टार्टअप सिटीज' में लिस्ट किया गया है। इसे दुनिया के पांच सबसे तेजी से बढ़ते हुए 'स्टार्टअप सिटीज' में से एक के रूप में भी स्थान दिया गया है।
कोविड के बाद नई सम्भावनाएं लेकर आएंगी स्टार्टअप कंपनियां
अब कोविड-19 महामारी, स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी चुनौती लेकर सामने आया है। इसी सिलसिले में उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के सेक्रेटरी डॉ गुरुप्रसाद मोहपात्रा कोविड-19 को एक सकारात्मक चुनौती के रूप में देखते हैं। वह कहते हैं कि स्टार्टअप्स हमेशा मार्किट ढूंढते हैं, टेक्नोलॉजी लाते हैं, नए आईडिया लाते हैं। कोविड ने एक तरह से सभी को चैलेंज दिया, हमारे देश को भी और दूसरे देशों को भी। प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए 'आत्मनिर्भर भारत' को पुश करने में स्टार्टअप्स का बहुत बड़ा रोल रहेगा। आने वाला समय स्टार्टअप्स के लिए सकारात्मक रहने वाला है।
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